दीपों से फिर जगमग होगी राम नगरी, ऐतिहासिक ढंग से मनाई जाएगी 'त्रेतायुग' जैसी दीपावाली

1 month ago 13
अयोध्या दीपोत्सव

इस बार राम की पैड़ी को 6 लाख इको फ्रेंडली दीयों की ज्योति से जगमग किया जाएगा, जिसमें खास होंगे बाराबंकी जिले के बनी मधुमक्खी के छत्ते से निकले मोम के दिए. इस बार मिट्टी के दिए के साथ-साथ मोम के दिए जलाए जाएंगे. दीपोत्सव के दौरान 3 से 4 झाकियां सजाई जाएंगी. 

अयोध्या: 14 नवंबर को दीपावली (Diwali) के दिन अयोध्या (Ayodhya) एक बार फिर जगमग होगी और पूरा विश्व उसकी भव्यता देखेगा. राम की नगर में दीपोत्सव की तैयारियां शुरू हो गई हैं. राम के दरबार में दीपोत्सव 11 नवंबर से 14 नवंबर तक मनाया जाएगा. त्रेतायुग जैसी दीपावली में सीएम योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) 13 नवंबर को  शामिल होंगे. 

राम नगरी में 'त्रेतायुग' जैसी दीपावाली 

इस दौरान राम की पैड़ी 6 लाख दीयों की रोशनी में जगमागाएगी. 4 दिनों तक चलने वाले दीपोत्सव में दीप जलाने का विश्व रिकॉर्ड बनाने की तैयारी की गई है. दीपावली के इस मौके पर सरयू पुल पर शानदार आतिशबाजी भी की जाएगी. मतलब इस बार भी अयोध्या की त्रेतायुग वाली दीपावली दुनिया भर की सुर्खियों में होगी, क्योंकि इस साल अयोध्या में राम मंदिर के शिलान्यास के बाद पहली बार दीपावली के मौके पर दीपोत्सव हो रहा है.

दीयों का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की तैयारी

राम की नगरी में दीपोत्सव की तैयारियों के साथ ही जय श्रीराम की गूंज शुरू हो गई है. रोशनी के महापर्व से पहले अयोध्या जगमग होने लगी है. और एक बार फिर अयोध्या की पवित्र धरती पर दीयों का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनने वाला है. अयोध्या की दीवाली में इस साल लोगों की भीड़ तो नहीं होगी, लेकिन सरकार एक बार फिर अयोध्या में भव्य सजावट करने में जुटी है. दीपोत्सव के लिए सरकार ने भी हर स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है.

अयोध्या में ऐतिहासिक इंतजाम

इस बार राम की पैड़ी को 6 लाख इको फ्रेंडली दीयों की ज्योति से जगमग किया जाएगा, जिसमें खास होंगे बाराबंकी जिले के बनी मधुमक्खी के छत्ते से निकले मोम के दिए. इस बार मिट्टी के दिए के साथ-साथ मोम के दिए जलाए जाएंगे. दीपोत्सव के दौरान 3 से 4 झाकियां सजाई जाएंगी. राम की नगरी में साकेत महाविद्यालय से नयाघाट तक शोभा यात्रा निकाली जाएगी. लेकिन इस बार 200 से ज्यादा लोग राज्य अभिषेक में शामिल नहीं हो पाएंगे. यही नहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरयू आरती में शामिल होते हैं लेकिन इस बार 50 संतो से ज्यादा लोगों को शामिल नहीं हो पाएंगे. मतलब कोरोना काल में राम की नगरी में 'त्रेतायुग' वाली  दीपावाली मनाई जाएगी लेकिन सोशल डिस्टेसिंग के साथ.

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