Corona Vaccination:टीका लगवाने वाले लोगों से पीएम Narendra Modi करेंगे बात

6 days ago 16

नई दिल्ली: देश में कोरोना वैक्सीनेशन (Corona Vaccination) 16 जनवरी से शुरू हो जाएगा. जिस दिन लोगों को कोरोना वैक्सीन शुरू होगी, उस दिन पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) टीका लगवाने वाले कुछ लोगों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत करके उनकी हौंसला अफजाई करेंगे. 

स्वास्थ्य मंत्रालय रखेगा वैक्सीनेशन प्रक्रिया पर नजर

देश में शुरू होने वाली इस पूरी वैक्सीनेशन (Corona Vaccination) प्रक्रिया पर दिल्ली के निर्माण भवन में बने स्वास्थ्य मंत्रालय के कंट्रोल रूम से नजर रहेगी. इसके लिए मंत्रालय ने एक पोर्टल बनाया है, जिसपर बारीक से बारीक जानकारी सब कुछ उपलब्ध रहेगी. अब हम आपको बताते हैं देश में वैक्सीनेशन की प्रक्रिया कैसे चलेगी और लोगों तक यह कैसे पहुंचेगी. 

कोविन ऐप से मैनेज होगी वैक्सीनेशन प्रक्रिया

भारत में दुनिया के सबसे बड़े वैक्सीनेशन अभियान में बड़ी भूमिका कोविन ऐप की रहेगी. स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक कोविन ऐप को बीते साल अक्टूबर महीने से तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हुई थी. अब यह ऐप बनकर तैयार हो गया है. सरकार का पूरा मैनेजमेंट सिस्टम ऐप और पोर्टल के रूप में उपलब्ध है. जैसे ही जिले के अधिकारी डाटा अपलोड करेंगे, वैक्सीनेशन के स्थान प्रसारित होते जाएंगे. 

वैक्सीन लगवाने वाले लोगों का बनाया गया डाटा

कोविन एप पर डाटा अपलोड होते ही जिसको भी टीकाकरण की लिस्ट में रखा गया है उसको SMS के जरिए टीकाकरण की तारीख और समय बता दिया जाएगा. मेसेज में यह जानकारी भी होगी कि उनका किस जगह पर टीकाकरण होगा. सूत्रों के मुताबिक Vaccine सहमति से किया जाएगा. जो व्यक्ति टीका लगवाने से इनकार करेगा, उसका नाम सूची से हटा दिया जाएगा. 

वैक्सीन लगने के बाद एसएमएस से मिलेगा सर्टिफिकेट

यदि सूची में नाम होने के बावजूद आप वैक्सीनेशन वाली जगह पर नहीं पहुंचते हैं या देरी से पहुंचते हैं तो आपको अगले फेज में ही टीका लग पाएगा. Vaccine लगने के बाद उस व्यक्ति को इलेक्ट्रॉनिक सर्टिफिकेट मिलेगा जो मेसेज के जरिए ये आप के मोबाइल पर आएगा. साथ ही साथ आपको अगले डोज की तारीख और समय भी बता दिया जाएगा. 

टीका लगने के बाद आधे घंटे तक रखी जाएगी निगाह

वैक्सीन (Corona Vaccine) का डोज देने के बाद अगले 30 मिनट तक लोगों के स्वास्थ्य पर निगरानी रखी जाएगी. यदि कोई साइड इफेक्ट नहीं है और बॉडी पर कोई असर नहीं है तो आपको एक हेल्पलाइन नंबर देकर घर भेज दिया जाएगा. यदि आपके घर जाने के बाद भी इसका कोई साइड इफेक्ट होता है तब भी आप की निगरानी की जाएगी. वैक्सीनेशन वाली प्रत्येक जगह से एक अस्पताल जुड़ा रहेगा, जो इमरजेंसी की स्थिति में लोगों का इलाज करेगा.

देश मे 60 जगहों पर बनाए गए वैक्सीन स्टोरेज

केंद्र का हर मंत्रालय जिसने अपने हेल्थ वर्कर और फ्रंटलाइन वर्कर का डाटा अपलोड किया है वह सिर्फ अपने मंत्रालय का ही डाटा कोविन एप पर देख सकेगा. वहीं स्वास्थ्य मंत्रालय राज्यों और केंद्र के मंत्रालयों का डाटा कोविन ऐप पर देख सकेगा. देश में कुल 60 जगह पर वैक्सीन स्टोरेज के लिए अलग-अलग स्थान बनाए गए हैं. इनमें चार बफर डिपो हैं . इनको GMSD (गवर्नमेंट मेडिकल स्टोर डिपो) भी कहते है. इनको बफर डिपो बनाया गया है यही से बाकी राज्यो के 56 कोल्ड स्टोरज साइट पर वैक्सीन जाएगी.

राज्यों में 56 जगहों पर रीजनल स्टोरेज सेंटर बने

करनाल, चेन्नई ,कोलकाता और मुंबई के GMSD डिपो के साथ ही राज्यों में 56 रीजनल स्टोरेज सेंटर बनाए गए हैं, वहां पर वैक्सीन स्टोरेज की जाएगी. हर राज्य में कम से कम एक रीजनल वैक्सीन स्टोर बना है. 30 राज्य ऐसे है जिनमें 1-1 रीजनल कोल्ड स्टोरेज बनाए गए हैं. 7 ऐसे राज्य हैं जहां एक से ज्यादा स्टोरेज प्वाइंट बनाए गए हैं. 

वैक्सीन रखने के लिए 28 हजार कोल्ड चेन पॉइंट बने

देश भर में वैक्सीन रखने के लिए 28,600 कोल्ड चेन पॉइंट बनाए गए हैं. कोल्ड चेन में 2 से 8 डिग्री तापमान मेनटेन करते हुए यहीं से इन्हें वैक्सीन साइटों पर भेजा जाएगा, जहां पर लोगों को ये टीके लगाए जाएंगे. 

16 जनवरी से शुरू होगी वैक्सीनेशन प्रक्रिया

देश में 16 जनवरी को जब वैक्सीनेशन की प्रक्रिया शुरू होगी तो 61 हजार प्रोग्राम मैनेजर, 2 लाख वैक्सीनेटर और 3 लाख 70 हजार वैक्सीनेशन टीम के सदस्यों को तैनात किया जाएगा. इसके साथ ही 2360 मास्टर ट्रेनर हैं, जिनको केंद्र ने प्रशिक्षण दिया है. सरकार 1 करोड़ 10 लाख कोविशील्ड का ऑर्डर पहले ही दे चुकी हैं. वहीं भारत बॉयोटेक की 55 लाख डोज खरीदी गई हैं, ये भी देश भर में पहुच रही हैं. 

भारत बायोटेक ने 16 लाख दवा सरकार को दान दी

इसमें 16 लाख 50 हजार डोज भारत बॉयोटेक ने दान के रूप में सरकार को दी हैं. कोविशील्ड की कीमत 200 रुपये प्रति डोज और भारत बॉयोटेक की 206 रुपये प्रति डोज है. यह जन भागीदारी के तहत टीकाकरण होगा, जिसमें इलेक्शन बूथ और सार्वभौमिक टीकाकरण , दोनों ही कार्यक्रम के अनुभव को शामिल करते हुए दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीनेशन की शुरुआत होगी.

सभी हेल्थ वर्करों का डाटा कोविन ऐप पर अपलोड 

स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक कोविन ऐप से ही वैक्सीनेशन का सारा मैनेजमेंट होगा. राज्य सरकारों और केंद्र सरकार के मंत्रालयों को अपने अपने Health Worker और Frontline Worker को चिन्हित करके उनका डाटा कोविन पर अपलोड करने को कहा गया है. अभी तक कोविन ऐप पर 1 करोड़ से ज्यादा लोगों का डाटा अपलोड किया जा चुका है. 

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शुरूआत में एक करोड़ हेल्थ वर्कर को लगेगा टीका

शुरुआती दौर में एक करोड़ हेल्थ वर्कर को ही टीका लगेगा और इसके बाद 2 करोड फ्रंटलाइन वर्कर को लगाया जाएगा. इनमें केंद्र और राज्यों के सुरक्षा कर्मी जैसे पुलिस, होमगार्ड, डिजास्टर मैनेजमेंट के कर्मचारी अर्धसैनिक बल, म्युनिसिपल वर्कर, जेल के कर्मचारी, राजस्व कर्मचारी जो कंटेनमेंट जोन और सर्विलांस में लगे हुए थे, इनको पहले दिया जाएगा. इसके बाद 27 करोड ऐसे लोग जिनकी उम्र 50 साल 50 साल से अधिक है या फिर उनको कोई गंभीर बीमारी है उनको दिया जाएगा. इनका खर्चा केंद्र सरकार उठाएगी. 

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